संत ज्ञानेश्वर की लीला से कैसे हुआ चांगदेव के अहंकार का नाश

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संत ज्ञानेश्वर की लीला चांगदेव नाम के एक हठयोगी थे इन्होंने योग सिद्धि से अनेको सिद्धियाँ प्राप्त कर रखी थी तथा मृत्यु पर भी विजय प्राप्त कर ली थी उनकी उम्र 1400 वर्ष हो गई थी। चांगदेव को यश-प्रतिष्ठा का बहुत मोह था। वह अपने आप को सबसे महान मानते थे। इन्होंने जब संत ज्ञानेश्वर […]

राजा ने कैसे जाना जनाबाई की भक्ति का चमत्कार -संत जनाबाई की कहानी

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जनाबाई के पिता तेली थे तथा तेल निकालने का कार्य करते थे। जनाबाई जब जब छोटी थी तब उसे साथ लेकर पंढ़रपुर मंदिर में दर्शन के लिए गये। बालिका के मन में ठाकुरजी की मूर्ति के प्रतिप्रेम पैदा हो गया । मन में भगवान के प्रति भक्ति जाग्रत हो गई। थोड़े दिन तक जनाबाई रोज […]

गोराजी कुम्हार महान भक्त

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पंढ़रपुर में विट्ठलनाथजी के परम् भक्त गोराजी कुम्हार अपनी पत्नी तथा दो वर्ष के बच्चें के साथ रहते थे। गोराजी मन में प्रभु का सुमिरन करते तथा मिट्टी के बर्तन बनाते । एक दिन उनकी पत्नी पानी भरने गई तथा बालक को गोराजी के पास छोड़ गई । पहले पानी दुर-दुर से लाना होता था। […]