Spend as much time with the elderly jivandarshan

उनसे बातें करना, उन्हें दोस्त बनाने का भी अलग मजा है…!!

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मुझे मेरी दादी से बहुत लगाव था. हम सभी (भाई-बहन) उन्हें प्यार से ‘बऊ’ कहते थे. दरअसल बुंदेलखंडी में दादी के लिए यही शब्द उपयोग होता है. हमारी दादी अक्सर कहा करती थीं ‘हमारो बब्लू ‘कलेक्धर’ (कलेक्टर) बन है.’ ये उनका स्नेह था मेरे प्रति. स्कूल और कॉलेज के दौर में अक्सर रात में घर […]

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