क्या आप जानते हैं उपवास करने से उम्र कितनी बढ़ जाती है ?

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यदि अभी तक आप केवल यह जानते थे कि उपवास केवल भक्ति का जरिया है तो अब ये भी जान लीजिए कि उपवास करने से केवल भगवान ही खुश नहीं होते बल्कि आपके शरीर को भी बड़ी खुशी मिलती है. ये खुशी इतनी ज्यादा होती है कि आपकी जिंदगी 5 प्रतिशत तक बढ़ जाती है. […]

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दुर्योधन ने अपनी सेना में उत्साह कैसे भरा ?

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श्रीमद् भगवद्गीता अध्याय प्रथम प्रथम अध्याय – श्लोक 11 से 13 “अयनेषु च सर्वेषु यथाभागमवस्थिता: | भीष्ममेवाभिरक्षन्तु भवन्त: सर्व एव हि ||11|| अर्थ – इसके बाद दुर्योधन ने समस्त सैनिको से कहा-सब मोर्चोंपर अपनी-अपनी जगह पर स्थित रहते हुए आप लोग भीष्म पितामह की सब ओर से रक्षा करें।तस्य सञ्जनयन्हर्षं कुरूवृद्ध: पितामह: | सिंहनादं विनघोच्चै: […]

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मैं क्या करूँ “करोंड़ो यूवाओं का सवाल”

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दोस्तों आज मै आपको लाखों यूवाओं के मन की बात करूंगा…जिससे आज का यूवा बहुत अच्छे से परिचित है….और इस शब्द को कभी भुलता नहीं है…पर वो कभी किसी से कहता भी नहीं है… बस मन ही मन ये सवाल अपने दिल में छुपाएं रखता है और दुनियां वालो के सामने हंसता रहता है…पर पर […]

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इन वजहों से जीवन में परेशानियां आना तय है – चाणक्य नीति

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• यदि किसी आदमी की पत्नी जवानी में मर जाती है तो वह दूसरा विवाह करके जीवन बिता सकता है, लेकिन बुढ़ापे में पत्नी का मरना उसके दुर्भाग्य का कारण बनता है, क्योंकि बुढ़ापे में बिना पत्नी के जीवन नहीं काटा जा सकता. • यदि कोई पुरुष किसी दूसरे पर निर्भर रहता है तो उसका […]

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दुर्योधन ने दोनो सेना के सेना नायको की तुलना क्यों की ?

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श्रीमद् भगवत् गीता प्रथम अध्याय प्रथम अध्याय – श्लोक 4 से 10“अत्र शूरा महेष्वासा भीमार्जुनसमा युधि |युयुधानो विराटश्र्च द्रुपदश्र्च महारथ: ||4||धृष्टकेतुश्चेकितान: काशिराजश्र्च वीर्यवान् |पुरूजित्कुन्तिभोजश्र्च शैब्यश्र्च नरपुग्डव: ||5||युधामन्युश्र्च विक्रान्त उत्तमौजाश्र्च वीर्यवान् |सौभद्रो द्रौपदेयाश्र्च सर्व एव महारथा: ||6||(दुर्योधन इन श्लोको में पांडवो की सेना के बारे में द्रोणाचार्य को कह रहा है।)अर्थ – इस सेना में भीम […]

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पैसों-पत्नी समेत इन चार बातों को हमेशा राज ही रहने दें – चाणक्य नीति

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आचार्य चाणक्य ने चार ऐसी बातें बताई हैं, जिन्हें हमेशा राज ही रखनी चाहिए. आइए जानते हैं कि हमें कौन-कौन सी बातें नहीं बतानी चाहिए. • चाणक्य के अनुसार हमें कभी भी पैसों के नुकसान की खबर को किसी और को नहीं बतानी चाहिए इसे राज ही रखना चाहिए. धन की नुकसान होने पर आपकी […]

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स्वर्ग और नर्क कहां है….

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स्वर्ग और नर्क कहां है…. दोस्तों आज की मेरी पोस्ट कुछ अलग है…दोस्तों ये सवाल आज सभी के मन में है कि स्वर्ग और नर्क कहां है…मैं ये भी जानता हूं कि आप इसे जानने के लिए बहुत उत्साहित है….पर इससे पहले में आपको पुरे ब्रह्माण्ड़ का एक नियम बताता हूं जो सनातन सत्य है…… […]

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पांडव सेना देखकर दुर्योधन गुरू द्रोणाचार्य के पास क्यों गया ?

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श्रीमद् भगवत् गीता प्रथम अध्याय श्रीमद् भगवद्गीता प्रथम अध्यायश्लोक – 2संजय उवाच –दृष्टवा तु पाण्डवानीकं व्यूढ़ं दुर्योधनस्तदा |आचार्यमुपसंगम्य द्रपदपुत्रेण तव शिष्येण धीमता ||2||संजय बोले –दुर्योधन ने पांडव सेना की व्यूह रचना देखकर द्रोणाचार्य के पास जाकर यह वचन कहा ।“पश्यैतां पाण्डुपुत्राणामाचार्य महतीं चमूम् |व्यूढ़ां द्रपदपुत्रेण तव शिष्येण धीमता ||3||अर्थ – हे आचार्य आपके बुद्धिमान शिष्य […]

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केवल नाम के नहीं जीवन के लिए बड़े काम के भी हैं त्यौहार..?

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त्यौहारों का उल्लास, उत्सवों के रंग, पर्वों का उत्साह और इन सबसे जुड़ी है हमारे मन की उमंग, मन की तरंग. इंसान का जीवन एक ढर्रे पर चलता रहता है. उसमें बदलाव लाने के लिए पर्व-त्यौहारों के रूप में जो सौगात हमें मिली है न, उसकी जितनी तारीफ करें कम है. आज के दौर में […]

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क्या है दुख का सबसे बड़ा कारण,जानकर आपके होश उड़ जाएंगे…..

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दोस्तों आज बहुत दिनों बाद फिर से आपके लिए कुछ नयी बात लाया हूं…जैसा की मेरी पोस्ट का हेड़र है दुख का सबसे बड़ा कारण क्या है….तो दोस्तों क्या आपने कभी इस पर गौर फरमाया है कि हम दुखी क्यों रहते है….दुख का सबसे बड़ा कारण क्या है…. तो दोस्तों में आपको आज बता दूं […]

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गधा, कुत्ता और शेर से इन्सान ये बड़ी सीखें ले सकता है – चाणक्य नीति

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• सुनने से धर्म का ज्ञान होता हैं, द्वेष दूर होता है और ज्ञान प्राप्त होता है. इस तरह माया की आसक्ति भी दूर हो जाती है. • धनवान व्यक्ति के कई मित्र होते हैं. उसके कई सम्बन्धी भी होते हैं. धनवान को ही आदमी कहा जाता है और पैसे वालों को ही पंडित कह […]

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बर्बादी से बचाने वाली चाणक्य की इन बातों पर जरूर गौर करें…

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• किसी भी व्यक्ति को जरूरत से ज्यादा ईमानदार नहीं होना चाहिए. सीधे तने वाले पेड़ ही सबसे पहले काटे जाते हैं और बहुत ज्यादा ईमानदार लोगों को ही सबसे ज्यादा कष्ट उठाने पड़ते हैं. • अगर कोई सांप जहरीला नहीं है, तब भी उसे फुफकारना नहीं छोडऩा चाहिए. उसी तरह से कमजोर व्यक्ति को […]

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