upvas ke fayde in hindi by jivandarshan

क्या उपवास करने से उम्र बढ़ जाती है ?( upvas ke fayde in hindi)

काम की बात

upvas ke fayde in hindi – यदि अभी तक आप केवल यह जानते थे कि उपवास केवल भक्ति का जरिया है तो अब ये भी जान लीजिए कि उपवास करने से केवल भगवान ही खुश नहीं होते बल्कि आपके शरीर को भी बड़ी खुशी मिलती है. ये खुशी इतनी ज्यादा होती है कि आपकी जिंदगी […]

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दुर्योधन ने अपनी सेना में उत्साह कैसे भरा ?(duryodhna ne apni sena mai utsah kaise bhara)

अध्याय प्रथम

श्रीमद् भगवद्गीता अध्याय प्रथम-duryodhna ne apni sena mai utsah kaise bhara प्रथम अध्याय – श्लोक 11 से 13 “अयनेषु च सर्वेषु यथाभागमवस्थिता: | भीष्ममेवाभिरक्षन्तु भवन्त: सर्व एव हि ||11|| अर्थ – इसके बाद दुर्योधन ने समस्त सैनिको से कहा-सब मोर्चोंपर अपनी-अपनी जगह पर स्थित रहते हुए आप लोग भीष्म पितामह की सब ओर से रक्षा […]

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मैं क्या करूँ “करोंड़ो यूवाओं का सवाल”(Mai kya karu in hindi)

पर्सनालिटी डेवलपमेंट

Mai kya karu in hindi-दोस्तों आज मै आपको लाखों यूवाओं के मन की बात करूंगा…जिससे आज का यूवा बहुत अच्छे से परिचित है….और इस शब्द को कभी भुलता नहीं है…पर वो कभी किसी से कहता भी नहीं है… What should i do -Mai kya karu in hindi बस मन ही मन ये सवाल अपने दिल […]

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इन वजहों से जीवन में परेशानियां आना तय है – चाणक्य नीति

चाणक्य नीति

• यदि किसी आदमी की पत्नी जवानी में मर जाती है तो वह दूसरा विवाह करके जीवन बिता सकता है, लेकिन बुढ़ापे में पत्नी का मरना उसके दुर्भाग्य का कारण बनता है, क्योंकि बुढ़ापे में बिना पत्नी के जीवन नहीं काटा जा सकता. Jivan mai pareshaniya in hindi – • यदि कोई पुरुष किसी दूसरे […]

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दुर्योधन ने दोनो सेना के सेना नायको की तुलना क्यों की ?

अध्याय प्रथम

श्रीमद् भगवत् गीता प्रथम अध्याय प्रथम अध्याय – श्लोक 4 से 10“अत्र शूरा महेष्वासा भीमार्जुनसमा युधि |युयुधानो विराटश्र्च द्रुपदश्र्च महारथ: ||4||धृष्टकेतुश्चेकितान: काशिराजश्र्च वीर्यवान् |पुरूजित्कुन्तिभोजश्र्च शैब्यश्र्च नरपुग्डव: ||5||युधामन्युश्र्च विक्रान्त उत्तमौजाश्र्च वीर्यवान् |सौभद्रो द्रौपदेयाश्र्च सर्व एव महारथा: ||6||(दुर्योधन इन श्लोको में पांडवो की सेना के बारे में द्रोणाचार्य को कह रहा है।)अर्थ – इस सेना में भीम […]

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पैसों-पत्नी समेत इन चार बातों को हमेशा राज ही रहने दें – चाणक्य नीति

चाणक्य नीति

आचार्य चाणक्य ने चार ऐसी बातें बताई हैं, जिन्हें हमेशा राज ही रखनी चाहिए. आइए जानते हैं कि हमें कौन-कौन सी बातें नहीं बतानी चाहिए. • चाणक्य के अनुसार हमें कभी भी पैसों के नुकसान की खबर को किसी और को नहीं बतानी चाहिए इसे राज ही रखना चाहिए. धन की नुकसान होने पर आपकी […]

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Swarg aur narak in hindi by jivandarshan

स्वर्ग और नर्क कहां है..(Swarg aur narak in hindi)

मेरी सोच

स्वर्ग और नर्क कहां है….(Swarg aur narak in hindi) Swarg aur narak in hindi -दोस्तों आज की मेरी पोस्ट कुछ अलग है…दोस्तों ये सवाल आज सभी के मन में है कि स्वर्ग और नर्क कहां है…मैं ये भी जानता हूं कि आप इसे जानने के लिए बहुत उत्साहित है….पर इससे पहले में आपको पुरे ब्रह्माण्ड़ […]

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पांडव सेना देखकर दुर्योधन गुरू द्रोणाचार्य के पास क्यों गया ?

अध्याय प्रथम

श्रीमद् भगवत् गीता प्रथम अध्याय श्रीमद् भगवद्गीता प्रथम अध्यायश्लोक – 2संजय उवाच –दृष्टवा तु पाण्डवानीकं व्यूढ़ं दुर्योधनस्तदा |आचार्यमुपसंगम्य द्रपदपुत्रेण तव शिष्येण धीमता ||2||संजय बोले –दुर्योधन ने पांडव सेना की व्यूह रचना देखकर द्रोणाचार्य के पास जाकर यह वचन कहा ।“पश्यैतां पाण्डुपुत्राणामाचार्य महतीं चमूम् |व्यूढ़ां द्रपदपुत्रेण तव शिष्येण धीमता ||3||अर्थ – हे आचार्य आपके बुद्धिमान शिष्य […]

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Importance of occasions in hindi

Importance of occasions in hindi-जीवन के लिए बड़े काम के भी हैं त्यौहार..?

काम की बात

Importance of occasions in hindi-त्यौहारों का उल्लास, उत्सवों के रंग, पर्वों का उत्साह और इन सबसे जुड़ी है हमारे मन की उमंग, मन की तरंग. त्यौंहारो का महत्व-Importance of occasions in hindi इंसान का जीवन एक ढर्रे पर चलता रहता है. उसमें बदलाव लाने के लिए पर्व-त्यौहारों के रूप में जो सौगात हमें मिली है […]

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क्या है दुख का सबसे बड़ा कारण,जानकर आपके होश उड़ जाएंगे.(Dukho ka karan in hindi)

मेरी सोच

Dukho ka karan in hindi-दोस्तों आज बहुत दिनों बाद फिर से आपके लिए कुछ नयी बात लाया हूं…जैसा की मेरी पोस्ट का हेड़र है दुख का सबसे बड़ा कारण क्या है…. तो दोस्तों क्या आपने कभी इस पर गौर फरमाया है कि हम दुखी क्यों रहते है….दुख का सबसे बड़ा कारण क्या है…. हमेशा आशावादी […]

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गधा, कुत्ता और शेर से इन्सान ये बड़ी सीखें ले सकता है – चाणक्य नीति

चाणक्य नीति

• सुनने से धर्म का ज्ञान होता हैं, द्वेष दूर होता है और ज्ञान प्राप्त होता है. इस तरह माया की आसक्ति भी दूर हो जाती है. • धनवान व्यक्ति के कई मित्र होते हैं. उसके कई सम्बन्धी भी होते हैं. धनवान को ही आदमी कहा जाता है और पैसे वालों को ही पंडित कह […]

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बर्बादी से बचाने वाली चाणक्य की इन बातों पर जरूर गौर करें…

चाणक्य नीति

• किसी भी व्यक्ति को जरूरत से ज्यादा ईमानदार नहीं होना चाहिए. सीधे तने वाले पेड़ ही सबसे पहले काटे जाते हैं और बहुत ज्यादा ईमानदार लोगों को ही सबसे ज्यादा कष्ट उठाने पड़ते हैं. • अगर कोई सांप जहरीला नहीं है, तब भी उसे फुफकारना नहीं छोडऩा चाहिए. उसी तरह से कमजोर व्यक्ति को […]

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