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परमात्मा की आवाज “अनदह नाद” को कैसे सुने ? (Anahat naad)

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अनहद नाद को कैसे सुने ? नाद को किसी भी अवस्था में अर्थात कुर्सी पर बैठकर, चलते-फिरते,पालथीमार बैठकर तथा सोते-सोते किसी भी स्थति में बैठकर इसे सुना जा सकता है परन्तु कुर्सी पर बैठकर ,पालथीमार कर बैठ कर या किसी भी आसन में बैठकर जिसमें रीढ़ की हड्डी सीधी रहे सुनना अच्छा होता है। सोते-सोते […]

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Anahat naad

अनहद नाद क्या है ?

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अनहद नाद क्या है ? (what is anahat naad ? ) अनहद नाद को अनाहत ध्वनि या अनाहत नाद भी कहते है अनाहत ध्वानि को साधको ने एक हाथ से बजने वाली ताली कहां है तथा किसी भी आवाज को निकलने के लिए दो वस्तु को टकराना होता है इसे आहत ध्वनि कहतै है। अनाहत […]

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अनहद नाद

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मुसलमान फ़कीर इसे अनहद कहते है अर्थात एक कभी न खत्म होने वाला कलाम(ध्वनि) जो फ़ना(नश्वर) होने वाली नहीं है।सदगुरूओं ने कहा है कि अनहद शब्द के अन्दर प्रकाश है और उससे ध्वनि उत्पन्न होती है यह ध्वनि नित्य होती रहती है प्रत्येक के अन्दर यह ध्वनि निरन्तर हो रही है अपने चित्त को नौ […]

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