kya hai parmatma

क्या अंतर आत्मा में बैठा परमात्मा करवाता है पाप ?

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क्या अंतर आत्मा में बैठा परमात्मा करवाता है पाप ? महाभारत में दुर्योधन कहता है कि मैं धर्म को जानता हूं परन्तु मैं धर्म के अनुकुल जीवन नहीं जी सकता । मैं अधर्म को भी समझता हूं परन्तु पाप कर्म को छोड़ नहीं सकता। मेरे अंदर जो बैठा है वहीं पाप-पुण्य करवाता है । अर्थात […]

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prabhu bhakti m drudh kaise rahe

भक्ति में दृढ़ कैसे रहे ?

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हमारा तन एवं मन यदि पवित्र हो तो प्रभु के दर्शन निश्चित होते है। अर्थात मन निर्विकारी हो तो प्रभु का दर्शन सरल है। ध्यान एवं भक्ति दोनो उपाय करने से परमात्मा का साक्षात्कार संभव है। ध्यान एवं भक्ति में जैसे-जैसे व्यक्ति आगे बढ़ता है उसमें समदृष्टि का विकास होता है । जैसे ही समदृष्टि […]

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गुरू भक्ति कैसे करे पार्ट-3

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सदगुरू के चरणों में बैठो तो अपना ज्ञान,अपना अहंकार छोड़कर बैठना है आपको कोरा कागज बन जाना है। जब तक मन में एक भी प्रश्न है तो श्रद्धा तथा विश्वास पैदा होना असंभव है । गुरू के प्रति पूर्ण समर्पण करे। आपके तन,मन,धन सभी को गुरू को समर्पित करना है तभी गुरू के शक्तिपात से […]

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Guru jivandarshan

गुरू भक्ति कैसे करे पार्ट-2 (कुण्डलिनी योग)

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ऐसा गुरू जिसने परमात्मा का अनुभव कर लिया है अर्थात आत्म तत्व को समझ लिया है..सदगुरू कहलाता है क्योंकि परमात्मा तत्व से जुड़कर वह स्वयं परमात्मा ही हो जाता है। ऐसे गुरू के पास बैठते है तो चाहे सदगुरू बोले या न बोले उसकीं स्नेह भरी नज़र हम पर पड़ती है साथ ही उसकी ओरा […]

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गुरू भक्ति

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जब तक आत्मानुभव नहीं होता तब तक व्यक्ति की आध्यात्मिक यात्रा प्रारम्भ नहीं होती । आत्म-तत्व का ज्ञान होने पर परमात्मा तत्व की समझ विकसित होती है क्योंकि दोनों एक ही है। जैसे शक्कर के अणु का गुणधर्म समझ जाने पर पुरी शक्कर के बारे में जान सकते है। उसी प्रकार इस शरीर रूपी पिण्ड़ […]

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