ज्योतिष ज्ञानवास्तुशास्त्र

वास्तु दोष दूर करने के आसान उपाय भाग – 1

Easy ways to remove Vastu defects Part 1

प्रत्येक व्यक्ति चाहता है कि दिनभर अपनी आजीविका के लिए भागदौड़ करने के पश्चात् जब वह घर लौटे तो वह अपनी मानसिक शांति को प्राप्त कर सकें। उसका मकान उसे स्वस्थ रखें तथा धन समृद्धि में बढ़ोतरी हो। परिवार के सदस्यों के बीच प्रेम भाव बड़े।

 यदि आप मकान का नक्शा इंजीनियर से बनवाते हो तो उस नक्शे को किसी वास्तु शास्त्री को दिखा कर उसकी भी राय ले ली जाए। यदि इंजीनियर ही वास्तु का ज्ञान रखता है तो सोने में सुहागा।

यदि मकान बनाते वक्त किसी वास्तु विशेषज्ञ की राय न ली हो तो परेशान होने की जरूरत नहीं। ऐसे भी कई उपाय हैं जिससे आप मकान में बिना तोड़-फोड़ किए मकान का वास्तु ठीक कर सकते हैं।

यदि मकान में वास्तु दोष है तो फर्श पर पोछा लगाते समय पोछे की बाल्टी में एक चम्मच नमक डाल दें। इससे फर्श भी  कीटाणु मुक्त व वायरस मुक्त हो जाएगा तथा पूरे घर की नकारात्मकता दूर हो जाएगी तथा सकारात्मकता बढ़ जाएगी।

यदि घड़ी बंद हो जाए तो तुरंत उस में सेल डालकर चालू कर लेनी चाहिए तथा यदि घड़ी खराब हो जाए तो उसे ठीक करवा लेनी चाहिए तथा यदि वह ठीक नहीं होती हो तो उसे फेंक देना चाहिए। अर्थात मकान मे घड़ियां हमेशा चलती रहनी चाहिए।

पूर्व के लेखों में मैंने बताया है कि घर में दर्पण पूर्वी दीवार एवं उत्तरी दीवार पर लगाने चाहिए। इससे मकान का ईशान कौन बढ़ जाता है तथा उन्नति होती है।

घर में टूटा हुआ दर्पण नहीं रखना चाहिए। यदि किसी तस्वीर का कांच टूट जाए तो तुरंत उसे बदलवा लेना चाहिए।

मकान की बीम के नीचे नहीं सोना चाहिए क्योंकि बीम के नीचे सोने से अच्छी नींद नहीं आती तथा यदि बीम के नीचे सोने की मजबूरी हो तो फाल्स सीलिंग बनवाकर बिम को ढक देना चाहिए।

अलमारी का दरवाजा उत्तर व पूर्व की ओर खुलना चाहिए। इसलिए अलमारी को दक्षिण या पश्चिम दीवार से सटाकर रखना चाहिए। आजकल अलमारियों के ऊपर दर्पण लगा हुआ होता है। यदि दर्पण लगी हुई अलमारी दक्षिण व पश्चिम दीवार पर सटाकर रखने पर  नैऋत्य कोण बढ़ जाएगा जो कि हानिकारक है। अतः दर्पण पर कोई कागज लगा लेना चाहिए या पर्दा अलमारी पर रखना चाहिए ताकि दर्पण का प्रतिबिंब नैऋत्य कोण अर्थात दक्षिण-पश्चिम को नहीं बढ़ाये।

बिजली से गर्मी पैदा करने वाले उपकरण जैसे मिक्सी, हीटर आदि को अग्नि कोण अर्थात दक्षिण पूर्व में रखना चाहिए। वास बेसिन, सिंक व नल को ईशान कोण अर्थात उत्तर पूर्वी दीवार के सहारे लगाना चाहिए।

आजकल घर में कैक्टस लगाने का प्रचलन है। व्यक्ति को कभी भी घर के अंदर नहीं लगाना चाहिए क्योंकि वह नकारात्मकता फैलाता है। यदि कैक्टस हो तो उसे घर की चारदीवारी के बाहर रखना चाहिए। घर के ईशान कोण अर्थात उत्तरी पूर्वी कोने को हमेशा साफ-सुथरा रखना चाहिए। यदि इस भाग को खुला छोड़े तथा निर्माण कार्य न करें तो ज्यादा अच्छा रहता है।

मकान के मालिक को या वयोवृद्ध को मकान के नैऋत्य कोण अर्थात दक्षिणी पश्चिमी कोने के बेडरूम में सोना चाहिए। इससे वह सुविधा अनुभव करेंगे तथा उनका प्रभाव पूरे परिवार पर बना रहेगा। मकान में घड़ियां हमेशा पश्चिम पूर्व या उत्तर दिशा की दीवार पर लगानी चाहिए।

मुख्य द्वार पर धार्मिक मूर्ति लगाना अच्छा रहता है। यदि द्वार पर गणेश जी की मूर्ति लगाएं तो द्वार के दोनों और गणेश जी की मूर्ति लगाएं। क्योंकि कहा जाता है कि गणेश जी के पीछे दरिद्रता का वास होता है। यदि द्वार के दोनों ओर गणेश जी हो तो बैलेंस हो जाता है। व शुभ फल प्राप्त होते हैं। यदि एक ही मूर्ति लगाएंगे तो आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

घर में तुलसी का पौधा लगाना चाहिए। तुलसी के पत्तों को प्रात काल खाने से या चाय में डालकर चाय पीने से प्रतिरोधक शक्ति का विकास होता है तथा हम स्वस्थ रहते हैं। प्रातः काल उठते ही 4, 5 तुलसी के पत्तों को धोकर खाना चाहिए

घर के बच्चे यदि पढ़ाई करते वक्त अपना मुंह उत्तर दिशा या पूर्व दिशा की ओर मुंह रख कर पढ़ाई करें तो उनकी याद शक्ति बढ़ जाती है तथा उन्हें याद ज्यादा रहता है।

सीढ़ियों के नीचे कभी भी शौचालय या पूजा घर नहीं बनाना चाहिए। अपने मकान का मुख्य द्वार सामने की मकान के मुख्य द्वार के सामने नहीं होना।

अगले भाग में और भी वास्तु से जुड़ी अन्य जानकारी दी जाएगी…

धन्यवाद

baldev rawal,Astrologist
बलदेव रावल,

2 thoughts on “वास्तु दोष दूर करने के आसान उपाय भाग – 1

  1. वास्तुदोष के बारे में आप द्वारा ज्ञान वर्धक जानकारी देने के लिए आपका बहुत बहुत आभार

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