वास्तुशास्त्र

फर्श की मिरर पॉलिश तो नहीं आपकी बर्बादी का कारण

आजकल फर्श पर मिरर पॉलिश करवाई जाती है ऐसी टाईल्स लगाई जाती है कि उसमें हमारा प्रतिबिम्ब दिखाई दे। फर्श के चिकने व चमकदार होने से काल्पनिक गहराई निर्मित होती है जो वास्तुदोष उत्पन्न करती है। मैंने पूर्व में लिखे लेख “करोड़पति कैसे बने” में बताया है कि उत्तर-पूर्वी कोने में फर्श पर दर्पण लगवाने से आय के स्त्रोत खुलते है तथा भाग्योदय होने पर व्यक्ति करोड़पति बनता है अत: उत्तर पूर्व कोने में मिरर पॉलिश या चिकनी चमकदार टाईल्स जिसमें प्रतिबिम्ब बनता है काफी लाभकारी होती है।
तथा व्यकित अमीर बनता है । जब आप उत्तर-पूर्वी फर्श पर मिरर लगायेंगे तथा उत्तर-पूर्वी दिवार के ईशान कोने में मिरर लगायेंगे तो आप आर्थिक रूप से सम्पन्न हो जायेंगे तथा लोग कहेंगे आप पर परमात्मा की कृपा बरस रही है।

उत्तर दिशा में वायव्य की ओर मिरर पॉलिश युक्त फर्श काल्पनिक गहराई बनाता है जिससे परिवार में लड़ाई-झगड़ा तथा धन हानि होती है। दुकान,फैक्टरी या कॉम्पलेक्स में भी वायव्य का पॉलिश युक्त फर्श दुकान, फैक्टरी की प्रोग्रेस रोकता है तथा कॉम्पलेक्स मे घाटा होता है।
अत: इस चिकने फर्श पर मेट,कॉरपेट या दरी बिछाकर वास्तुदोष से छुटकारा पाया जा सकता है। नैऋव्य पश्चिमी तथा नैऋव्य दक्षिणी कोने में भी पॉलिश युक्त फर्श काल्पनिक गहराई को देखकर वास्तुदोष उत्पन्न करेगा इस कारण घर के सदस्यों में झगड़े,तनाव व मुकदमेंबाजी होगी,स्वास्थ्य खराब रहेगा इस कारण दवाईयों पर खर्चा होगा तथा शत्रुभय भी हमेशा बढ़ा हुआ रहेगा।



यहॉ तक कि नैऋव्य कोण की गहराई गृह स्वामी की मृत्यु का भी कारण बन सकती है अत: कोने में कॉरपेट से ढ़क कर वास्तुदोष को दुर को दुर करे।
आग्नेय पूर्व तथा आग्नेय दक्षिण कोने में भी मिरर पॉलिश का फर्श वास्तुदोष उत्पन्न करता है जिसके कारण गृहस्वामी उच्च रक्तचाप से पीड़ित रहता है तथा पुत्रों के लिए अनिष्टकारी होता है अत: इस कोने को भी ढ़का हुआ रखे।
कई व्यक्ति छत में दर्पण लगवाते है इस कारण ऊपर की ओर काल्पनिक मंजिल बन जाती है जिसके कारण वास्तुदोष पैदा हो जाता है तथा व्यक्ति को समस्याओं से ग्रसित होना पड़ता है। छत में नैऋव्य कोने अर्थात दक्षिण पश्चिम में काल्पनिक ऊंचाई लाभदायक होती है तथा इस काल्पनिक ऊंचाई के कारण आय के साधन बढ़ते है। छत के मध्य भाग ब्रह्म स्थान कहलाता है तथा इस भाग में गहराई व ऊंचाई दोनों वास्तुदोष उत्पन्न करती है।
अत: नैऋव्य कोने को छोड़कर छत के ग्लास को ढ़क देना चाहिए अन्यथा प्रतिष्ठान में ग्राहको की कमी होगी तथा धीरे-धीरे प्रतिष्ठान घाटे में जाने लगेगा। आजकल मकान,कॉम्पलेक्स आदि में एक्रिलिक दर्पण लगाने का फैशन चल रहा है तथा बाहर सड़क पर पुरी दिवार पर पश्चिम दिशा या दक्षिण दिशा में बाहर की ओर दर्पण लगाए जाए तो बहुत ज्यादा आर्थिक उन्नति होने की संभावना है क्योंकि ये दर्पण जो काल्पनिक प्रतिबिम्ब बनाते है इससे उत्तरी व पूर्वी दिशा में बढ़ोतरी होती है।
अधिक आय के लिए ऐक्रिलिक दर्पण पर तेज प्रकाश डालने पर आय बढ़ जाती है । यदि पूर्व व उत्तरी दीवार पर सड़क पर बाहर की ओर ऐक्रिलिक दर्पण लगाने पर गरीबी आती है तथआ प्रतिष्ठान में घाटा व दिवालियापन आता है।

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