चाणक्य नीति

चाणक्य ने बताई हैं वे परिस्थितियां जो बताती हैं कि मित्र अच्छा है या बुरा (chanakya neeti)

चाणक्य ने बताई हैं वे परिस्थितियां जो बताती हैं कि मित्र अच्छा है या बुरा…
व्यक्ति को आने वाली मुसीबतों से निबटने के लिए धन संचय करना चाहिए. उसे धन-सम्पदा त्यागकर भी पत्नी की सुरक्षा करनी चाहिए.
लेकिन यदि आत्मा की सुरक्षा की बात आती है तो उसे धन और पत्नी दोनों को तुच्छ समझना चाहिए.
भविष्य में आने वाली मुसीबतों के लिए धन एकत्रित करें. ऐसा ना सोचें की धनवान व्यक्ति को मुसीबत कैसी? जब धन साथ छोड़ता है तो संगठित धन भी तेजी से घटने लगता है.




उस देश में निवास न करें जहां आपकी कोई इज्जत नहीं हो, जहा आप रोजगार नहीं कमा सकते, जहां आपका कोई मित्र नहीं और जहा आप कोई ज्ञान अर्जित नहीं कर सकते.
ऐसे जगह एक दिन भी निवास न करें जहां निम्न 5 ना हो…
एक धनवान व्यक्ति
एक ब्राह्मण जो वैदिक शास्त्रों में निपुण हो
एक राजा
एक नदी
और एक चिकित्सक
बुद्धिमान व्यक्ति को ऐसे देश में कभी नहीं जाना चाहिए जहां..
रोजगार कमाने का कोई माध्यम ना हो,
जहा लोगों को किसी बात का भय न हो,
जहां लोगों को किसी बात की लज्जा न हो,
जहां लोग बुद्धिमान न हो,
और जहां लोगों की वृत्ति दान धरम करने की ना हो
नौकर की परीक्षा तब करें जब वह कर्त्तव्य का पालन न कर रहा हो
रिश्तेदार की परीक्षा तब करें जब आप मुसीबत में घिरे हों
मित्र की परीक्षा विपरीत परिस्थितियों में करें
और जब आपका वक्त अच्छा न चल रहा हो तब पत्नी की परीक्षा करें
अच्छा मित्र वही है जो हमें इन परिस्थितियों में न त्यागे
आवश्यकता पड़ने पर
किसी दुर्घटना पड़ने पर
जब अकाल पड़ा हो
जब युद्ध चल रहा हो
जब हमें राजा के दरबार में जाना पड़े
और जब हमे श्मशान घाट जाना पड़े
जो व्यक्ति कसी नाशवान चीज के लिए कभी नाश नहीं होने वाली चीज को छोड़ देता है, तो उसके हाथ से अविनाशी वस्तु तो चली ही जाती है और इसमे कोई संदेह नहीं की नाशवान को भी वह खो देता है.
एक बुद्धिमान व्यक्ति को किसी इज्जतदार घर की अविवाहित कन्या से किस उम्र होने के बावजूद भी विवाह करना चाहिए. उसे किसी हीन घर की अत्यंत सुन्दर स्त्री से भी विवाह नहीं करनी चाहिए. शादी-विवाह हमेशा बराबरी के घरों में ही उचित होता है.
इन 5 पर कभी विश्वास ना करें
1. नदियां
2. जिन व्यक्तियों के पास अस्त्र-शस्त्र हों,
3. नाख़ून और सींग वाले पशु,
4. औरतें (यहाँ संकेत भोली सूरत की तरफ है, बहने बुरा न माने )
5. राज घरानों के लोगों पर
अगर हो सके तो विष में से भी अमृत निकाल लें,
यदि सोना गन्दगी में भी पड़ा हो तो उसे उठाए, धोएं और अपनाएं,
निचले कुल में जन्म लेने वाले से भी सर्वोत्तम ज्ञान ग्रहण करें,

उसी तरह यदि कोई बदनाम घर की कन्या भी महान गुणों से संपन्न है और आपको कोई सीख देती है तो गहण करें.
महिलाओं में पुरुषों की अपेक्षा…
भूख दो गुना,
लज्जा चार गुना,
साहस छः गुना,
और काम आठ गुना होती है

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