मेरी सोचसच का सामनासमाज

क्या संबंधों में कोई आशा रखनी चाहिए ? (Relationships in hindi)

Should there be any hope in relationships by jivandarshan

आज हम जब भी किसी के लिए कुछ भी करते है तो हम दुसरे से भी यही अपेक्षा रखते है कि वो भी हमारे लिए वहीं करे…पर आप बताएं क्या यह सही है..आपके संस्कार,आपकी विशेषताएं,आपका अनुभव,आपका नज़रियां दुनिया से अलग है आप जैसा करे वैसा दुसरे भी करे ये संभव नहीं है…

इसलिए जब आप किसी के आने पर उसका आदर सत्कार करते है या उन्हें चाय पिलाते है खाना खिलाते है और जब आप उनकें यहां जाते है तो हो सकता है वे आपको कुछ ना खिलाए…उस समय आपको बुरा लगेगा कि मैनें तो उनके लिए इतना सब कुछ किया और उन्होंने तो कुछ भी नहीं किया..

अगली बार जब वो फिर से आपके यहां आएगा तो आप उसके लिए कुछ भी नहीं करेंगे…ओर आप खुद को शाबाशी देंगे कि मैने उसे अच्छा सबक सिखाया पर क्या आपको लगता है कि यह सही है…

केवल अपना कर्म करों दुसरो से आशा मत रखो

ये पुरी दुनिया इसी उलझन में फंस कर रह गयी है..हर बार कोई दुसरों से आशाएं लगा कर रहता है ओर खुद नहीं देखता कि हमने क्या किया है किसी के लिए… ओर अगर आप किसी के लिए कुछ करते भी है तो वो आपके संस्कार है जो आपको कभी छोड़ने नहीं चाहिए।

दोस्तों में यह बात मानता हूं कि यह थोड़ा मुश्किल है… पर इससे आपको बहुत नुकसान उठाना पड़ता है वो आप नहीं जानते । या तो आप लोगो से संबंध ही मत रखो या रखते हो तो अपना कर्म करो ओर भुल जाओ । किसी से भी कोई आशा मत रखो ..अगर रखोंगे तो टुटनी ही है…

कुछ लोग तो किसी के लिए कुछ भी करते है तो पुरी दुनियां के सामने ढिंढोरा पीटते है जब तक 10 से 20 लोगो को ना बतां दे तब तक शांत नहीं होते है….कुछ लोगो को तो किसी ने भी नहीं कहा हो मदद के लिए फिर भी जबरदस्ती मदद करेंगे ओर बहुत बड़ा एहसान कर दिया हो वैसा जताते है पर यार तुमको किसने कहां था मदद करने के लिए ओर अगर कर रहे हो तो करो ओर भूलो….

मेरी इन बांतो को आपको बताने का सबसे बड़ा कारण यह है कि इन सब फालतु की बांतो के कारण आप अपने जीवन के लक्ष्य से हट जाते है जो आपको पता भी नहीं होता। आपकी पुरी ऊर्जा इन बांतो मे ही निकल जाती है।

इन बांतो के बजाय थोड़ा ध्यान खुद पर , अपने बच्चों पर लगाए जो आपके भी काम आएगा और आपके बच्चों को भी.

धन्यवाद

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.