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कोरोना पर कुछ अजब-गजब निबंध (essay on corona virus in hindi)

essay on coronavirus in hindi by jivandarshan

essay on corona virus in hindi-लोगो को अपने पैसो का अपने रूतबे का अपनी पहचान का बहुत अहंकार था पिछले काफी समय से चल रही कोरोना महामारी ने लोगो को रस्ते पर खड़ा कर दिया।

लोगो के ये सोचने के लिए मजबुर कर दिया कि वो क्या है।

बड़े से बड़े आदमी का अहंकार शुन्य हो गया.

सब कुछ होने के बाद भी कुछ नहीं हो ऐसा फील हो गया।

जिस पैसे के दम पर लोग उछलते थे वो पैसा आज कागज़ ही रह गया।

जिस मां से बेटा समय नहीं है ऐसा बोलकर बात नहीं करता था वो आज बिलकुल फ्री हो गया।

जो लोग भगवान के अस्तित्व पर शक करते थे उनहें आज भगवान याद आ गया।

जिस रिश्ते को लेकर लोग अहंकार रखते थे या जिन लोगो को अपना समझते थे उन लोगो ने ही उन्हें पराया कर दिया।

कुछ भी कहो कोरोना ने कमाल कर दिया।

बुरे वक्त में अपना काम ना आकर वो काम आ गया जिस पर कभी ध्यान ही नहीं दिया था।

आज लोगो को कोरोना ने कर्म का पाठ पढ़ा दिया।

लोग अब समझने लग गए की अपने कर्मो के कारण क्या होता है।

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लोग आज भगवान श्री कृष्ण की भगवद्गीता को याद करने लग गए।

आज लोगो को ये भी याद आ गया कि वो कभी भी मर सकते है,कभी भी परमात्मा का बुलावा आ सकता है।

क्या ये सभी बांते हम लोगो को बिना कोरोना के समझा सकते थे नहीं ना।

तो अब तो समझ ही गए होंगे। लगता है कोरोना ने लोगो को समझदार कर दिया।

जिन लोगो को कभी कुछ नहीं होता है उन्हें भी आजकल ऐसा लगता है जैसे उनकी ऑक्सीजन कम हो गया हो।

कुछ लोग तो खुद से ही कुछ भी बिमारी निकाल रहे है।

essay on corona virus in hindi

आज किसी को थोड़ा बुखार भी आ जाए तो लोगो को एक ही बात दिखती है कि कोरोना तो नहीं हो गया।

अरे भाई कोरोना से पहले कोई बिमारी नहीं थी क्या। पर लोगो को क्या समझाए लोग तो बस बहती हवाओं के शिकार हो गए है।

कुछ लोग तो जिसे कोरोना ना हो उसके बारे में भी बिना सोचे समझे उसे कोरोना था ऐसा बोलकर एक ह्युमर फैला देते है।

उससे जुड़े लोग भी परेशान अरे भाई अगर जानकारी ना हो तो जबरदस्ती क्यों किसी को भी कोरोना करवाना।

कुछ को तो कोरोना हुआ वो तो हर किसी में कोरोना को देखते है उन्हें होता है तो दुसरों को भी बोलते है कि तुझे भी कोरोना हुआ था और वे ही आपके सबसे बड़े हितेषी होने का दावा भी करते है।

अरे भाई अपना देखो ना किसने बोला है आपनी फालतु राय देने का। अगर खुद को इतना ही पता था तो खुद का ही देख लेते।

कुछ लोग तो अपने आप को इतना होशियार मानते है कि कोरोना मरीज को अपनी राय देते है बताओ अब वे डॉक्टर से भी आगे बढ़ गए। ओर उनसे भी बड़ा मुर्ख वो मरीज जो उनकी बांत सुनता है ।

मेरी आप सभी से रिक्वेस्ट है कि आप लोग किसी भी बात को करने से पहले या किसी को कुछ कहने से पहले खुद को एक बार देख लो कि तुम क्या हो

दुसरा कोरोना महामारी के चलते अपना और अपने परिवार का ध्यान रखे साथ हीसकारात्मक रहे कुछ नहीं होगा अगर आप सरकार की गाइडलाइन का अच्छे से पालन करेंगे।

धन्यवाद

सुदर्शन रावल

2 thoughts on “कोरोना पर कुछ अजब-गजब निबंध (essay on corona virus in hindi)

  1. सुंदर। अच्छा लिखा है। सच के करीब। ऐसा ही हो रहा है। सकारात्मक आलेख

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